अनुसंधान, गुणवत्ता, वचनबद्धता और विविधता के जरिए प्रतिभा

अनुसंधान एवं नवीनता

बीज उद्योग में अनुसंधान और नवीनता (आर एंड डी) प्रमुख कारक हैं, जिन्‍होंने पिछली सदी में प्रभावशाली उत्‍पादन लाभ के साथ उत्‍कृष्‍ट उपलब्धियां प्राप्‍त हुई हैं. इस परिणामी सफलता से बढ़ती हुई वैश्विक जनसंख्‍या की आवश्‍यकताओं की संतुष्टि के लिए प्रचुर मात्रा में और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित हुई है. उल्‍लेखनीय सफलता, जो हरित क्रान्ति को उर्जा और शक्ति प्रदान करती है जो सार्वजनिक संस्‍थानों में अनुसंधान की सहायता के लिए सार्वजनिक निधियों पर काफी हद तक निर्भर करती है. बहरहाल, आज के समय में निजी कं‍पनियों की वृद्धि में आर एंड डी महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है और इसके परिणामस्‍वरूप ये कंपनियां आर एंड डी में बहुत अधिक निवेश कर रही हैं. पिछले 30 वर्षों के दौरान आर एंड डी के खेती की किस्‍मों के कई उदाहरण हैं, जिससे सार्वजनिक कंपनियों की अपेक्षा निजी कंपनियां प्रमुखता से विकसित हुई हैं.

कृषि को अगली हरित क्रान्ति की ओर ले जाने में निजी क्षेत्र की विभिन्‍न कंपनियों ने विविध विकास और बीज उत्‍पादन अनुकूलन और विपणन की उन्‍नत क्षमताओं के साथ छोटे परिचालनों से लेकर बड़े स्‍तर के उद्यमों के रूप में असाधारण प्रगति देखी है. इसी के अनुरूप नुजिवीडू सीड्स ने आर एंड डी और नवीनताओं पर सतत् रूप से ध्‍यान केन्द्रित करते हुए किसानों और कृषि उद्योग की आवश्‍यकताओं को पूरा किया है तथा भारत में बीज संबंधी अनुसंधान एवं विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है.

एक नया फोकस

नुजिवीडू सीड्स ने न केवल कपास, बल्कि मकई, धान और सब्जियों की नई हा‍इब्रिड की खोज में विशिष्‍ट और पूर्णत: स्‍पष्‍ट ध्‍यान केन्द्रित करते हुए नई सहस्‍त्राब्दि में असाधारण प्रगति की है, जिससे किसानों को उच्‍च पैदावार और उत्‍कृष्‍ट किस्‍म की गुणवत्‍ता वाले उत्‍पादन के जरिए महत्‍वपूर्ण लाभ पहुंचा है. उपर्युक्‍त उद्देश्‍य को प्राप्‍त करने के लिए नुजिवीडू सीड्स ने अपने वनस्‍पति प्रजनन कार्यक्रमों में अनुसंधान पर बहुत अधिक जोर दिया है. विभिन्‍न किस्‍म की फसलों में हाइब्रिड के विकास के लिए नए जर्मप्‍लाज्‍म और आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए सख्‍ती के साथ अत्‍यंत योग्‍य और सक्षम वनस्‍पति प्रजनक काम कर रहे हैं, जो कीटों, रोगों और अन्‍य संवर्द्धित गुणवत्‍ता और व्‍यापक अनुकूलनशीलता के प्रति उच्‍चतर प्रतिरोधक क्षमता रखते हैं.

नुजिवीडू सीड्स का कोमपल्‍ली, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में उच्‍च श्रेणी की अनुसंधान एवं विकास यूनिट स्थित है जिसे देश के कृषि संबंधी सभी वातावरण ज़ोनों को शामिल करते हुए लगभग 670 एकड़ में पूर्णतया सिंचाई युक्‍त अनुसंधान फार्म में बनाया गया है. इस आकर्षक आर एंड डी अवसंरचना वाली इकाई में सभी उपकरणों से सु‍सज्जित ग्रीन हाऊस सुविधाएं हैं और नवीनतम प्रौद्योगिकी वाली प्रयोगशाला एवं जर्मप्‍लाज्‍म बैंक भी शामिल है. प्रतिवर्ष 160-170 स्‍थानों पर लगभग 70-80 उत्‍पादों पर नए उत्‍पाद मूल्‍यांकन परीक्षण किए जाते हैं जिनमें से देश में प्रत्‍येक कृषि अनुकूल वातावरण ज़ोन के लिए सबसे अधिक उपयुक्‍त उत्‍पाद का चयन किया जाता है. इसकी व्‍यापक आर एंड डी और बीज गुणवत्‍ता परीक्षण क्षमताओं के कारण नुजिवीडू सीड्स को कपास, मकई, बाजरा, सूर्यमुखी और चावल के लिए आईसीएआर के परीक्षण केन्‍द्र के रूप में मान्‍यता दी गई है.

विशेषताएं
  • अपनी इन-हाऊस अनुसंधान और विकास के लिए डीएसआईआर पुरस्कारर विजेता
  • भारत में सबसे अधिक संख्याअ में जर्मप्लाएज़म के स्वारमी.
  • अनुसंधान और विकास के लिए आईआरआरआई, एवीआरडीसी, आईसीजीईबी, आईसीआरआईएसएटी, आईएआरआई, डीबीटी आदि जैसे विभिन्नर प्रति‍ष्ठित संस्थाआनों के साथ सहयोग.
  • सीमित संसाधनों के साथ ऊंची पैदावार के लिए कृषि विज्ञान अभिनवीनताओं में दो महत्वापूर्ण खोज (अधिक सघनता वाले कपास वनस्पनति और इष्टदतम धान बीज दर खेती.